बुधवार, 2 सितंबर 2026

 लखनऊ में 

"इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी,

लखनऊ" तक पहुंचना बना चुनौती ..

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इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से  इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी,लखनऊ के मुख्य द्वार तक सीधा रास्ता नहीं, जर्जर सर्विस लेन और रॉन्ग साइड से गुजरने को मजबूर छात्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी,लखनऊ तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को  परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना के खतरे का भी सामना करना पड़ता  है। संस्थान के मुख्य द्वार तक पहुंचने का चौराहे से सीधा रास्ता है ही  नहीं ।

स्थिति यह है कि चौराहे से होकर संस्थान के मुख्य द्वार तक सीधे पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए एकमात्र विकल्प संकरी सर्विस लेन का है, जो पलटन कॉलोनी की तरफ से घूमकर जाती है।

जर्जर सर्विस लेन बनी परेशानी

पलटन कॉलोनी की ओर से जाने वाली सर्विस लेन की हालत भी बेहद खराब है। रास्ते में जगह-जगह गड्ढे, गंदगी और कूड़े के ढेर होने के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आगंतुकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब विद्यार्थी मुख्य चौराहे से संस्थान की ओर जाने का प्रयास करते हैं। सीधे प्रवेश का रास्ता उपलब्ध न होने के कारण कई छात्र रॉन्ग साइड से होकर संस्थान की ओर जाने को मजबूर होते हैं। इससे तेज रफ्तार यातायात के बीच हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

पीछे खोला गया नया गेट, लेकिन समस्या जस की तस

 संस्थान प्रशासन की ओर से परिसर की पिछली तरफ, जानकीपुरम थाने की ओर एक बड़ा गेट भी खोला गया है। इससे परिसर में प्रवेश का एक अतिरिक्त विकल्प जरूर मिला है, लेकिन मुख्य चौराहे से आने वाले विद्यार्थियों और लोगों की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

मुख्य चौराहे से संस्थान तक पहुंचने के लिए अब भी रॉन्ग साइड अथवा लंबा घुमावदार रास्ता अपनाना पड़ता है।

सवाल—इतने बड़े संस्थान तक सुरक्षित पहुंच क्यों नहीं?

एक ओर लखनऊ आधुनिक परिवहन और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के मुख्य द्वार तक सुरक्षित और सीधा पहुंच मार्ग नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों और संस्थान से जुड़े लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर मुख्य चौराहे से संस्थान के मुख्य द्वार तक सुरक्षित प्रवेश मार्ग की व्यवस्था करे, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों को रॉन्ग साइड जाने के लिए मजबूर न होना पड़े और दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

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