बेंगलुरु में Anthropic का नया ठिकाना
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रिपोर्ट: ज्योतिर्मय यादव
नई दिल्ली/बेंगलुरु। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका की अग्रणी एआई कंपनी Anthropic ने भारत में अपनी औपचारिक एंट्री कर दी है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपना नया कार्यालय खोला है, जिसे भारत में उसके बढ़ते बाजार और तकनीकी प्रतिभा के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
उद्योग सूत्रों के अनुसार, भारत अब कंपनी के एआई मॉडल “Claude (क्लाउड)” के लिए प्रमुख बाजारों में शामिल हो चुका है। इस कदम को भारत के आईटी सेक्टर के लिए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
क्या है ‘Claude’?
Claude एक उन्नत एआई मॉडल है, जिसे जटिल सवालों के जवाब देने, कोडिंग करने, शोध कार्यों में सहायता देने और बड़े डेटा का विश्लेषण करने के लिए विकसित किया गया है। तकनीकी जगत में इसकी तुलना OpenAI के लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT से की जाती है।
क्लाउड को सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग के मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कंपनी को Google और Amazon जैसे वैश्विक टेक दिग्गजों का समर्थन प्राप्त है।
आईटी सेक्टर में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि Claude के उन्नत संस्करणों ने कोडिंग और ऑटोमेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय दक्षता दिखाई है। इससे सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि एआई नौकरियों को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा, बल्कि कार्य की प्रकृति को बदलेगा और नई भूमिकाओं को जन्म देगा।
सुरक्षा और पारदर्शिता पर बहस
हाल में एक परीक्षण के दौरान एआई के संभावित व्यवहार को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा हुई थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक नियंत्रित सिमुलेशन था, जिसका उद्देश्य मॉडल की सीमाओं और जोखिमों को समझना था।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने एआई के “आंतरिक तर्क” की पारदर्शिता को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तेज़ी से बढ़ती एआई तकनीक के साथ सख्त नियमन और स्पष्ट दिशा-निर्देश आवश्यक होंगे।
भारतीय भाषाओं और सेवाओं पर फोकस
कंपनी भारत में बहुभाषी सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दे रही है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भारतीय भाषाओं में कानूनी और तकनीकी सहायता सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को बल मिल सकता है।
बेंगलुरु में Anthropic की उपस्थिति भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर और मजबूत करेगी। जहां एक ओर यह तकनीक दक्षता और नवाचार के नए अवसर प्रदान करेगी, वहीं दूसरी ओर नैतिकता, सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग होगी।
एआई की यह नई लहर भारत के तकनीकी भविष्य को किस दिशा में ले जाएगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।






