🪱 अब कीड़ा बनेगा पेनकिलर! — दर्द मिटाने की दिशा में विज्ञान की सबसे चौंकाने वाली खोज
Report – Jyotirmay Yadav, Lucknow
The Journal of Immunology में अगस्त 2025 को प्रकाशित एक शोध पत्र ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
वैज्ञानिकों ने खोज की है कि एक छोटा-सा परजीवी कीड़ा — Schistosoma mansoni — इंसान की दर्द महसूस करने की क्षमता को ही बंद कर सकता है।
यह कीड़ा, जो दूषित पानी में पाया जाता है और Schistosomiasis नाम की बीमारी फैलाता है, शरीर में घुसने के बाद अपने बचाव के लिए एक अनोखी चाल चलता है।
यह हमारे TRPV1+ न्यूरॉन्स — यानी दर्द का सिग्नल दिमाग तक पहुँचाने वाली नसें — को निष्क्रिय कर देता है।
नतीजा यह होता है कि इंसान को दर्द या जलन महसूस ही नहीं होती, जबकि कीड़ा शरीर में आराम से घूमता रहता है।
🧬 दर्द मिटाने की नई दिशा
अब वैज्ञानिकों ने इस “कीड़े की तरकीब” को चिकित्सा में इस्तेमाल करने की ठान ली है।
शोधकर्ता इस परजीवी द्वारा छोड़े गए प्राकृतिक दर्द-रोधी अणुओं (molecules) को अलग कर ऐसे नॉन-ओपिओइड पेनकिलर विकसित करने पर काम कर रहे हैं —
जो नशा नहीं करते, लत नहीं लगाते, और बिना साइड इफेक्ट्स के दर्द से राहत देते हैं।
अगर यह प्रयास सफल होता है, तो यह खोज चिकित्सा जगत में ओपिओइड्स का सुरक्षित विकल्प बन सकती है।
यानि दर्द मिटाने का भविष्य अब प्रकृति के एक छोटे से कीड़े के रहस्य में छिपा हो सकता है।
⚕️ संक्रमण से बचाव में भी नई उम्मीद
दिलचस्प बात यह है कि यही तंत्र संक्रमण रोकने में भी मददगार साबित हो सकता है।
अगर वैज्ञानिक TRPV1+ न्यूरॉन्स को पहले से सक्रिय करने का तरीका खोज लें, तो ऐसे परजीवी कीड़ों के लिए शरीर में प्रवेश करना लगभग असंभव हो जाएगा।
इस तरह यह शोध न केवल दर्द से राहत बल्कि संक्रमण नियंत्रण में भी क्रांति ला सकता है।
📖 शोध विवरण:
Inclan-Rico, Juan M., et al.
“TRPV1+ Neurons Promote Cutaneous Immunity Against Schistosoma mansoni.”
The Journal of Immunology, 7 August 2025.

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