OpenAI पर मंडरा रहा है आर्थिक संकट, 2026 ‘करो या मरो’ का साल !
रिपोर्ट- ज्योतिर्मय यादव
लखनऊ
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी बेहद तेज़ी से अपना पैसा खर्च कर रही है और यदि यही रफ्तार रही तो आने वाले डेढ़ साल में उसके फंड खत्म हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI ने अकेले 2025 में 8 अरब डॉलर से अधिक की राशि खर्च कर दी। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के वरिष्ठ विश्लेषक सेबेस्टियन मल्लबी ने न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित अपने लेख में चेतावनी दी है कि OpenAI का बिज़नेस मॉडल Google, Meta और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियों की तुलना में कहीं ज़्यादा जोखिम भरा है।
मल्लबी के अनुसार, जहां बड़ी टेक कंपनियां अपने मौजूदा मुनाफ़े से AI रिसर्च को फंड कर सकती हैं, वहीं OpenAI पूरी तरह बाहरी निवेश पर निर्भर है। इसके बावजूद कंपनी ने इस दशक के अंत तक AI विकास पर एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है।
विश्लेषकों का मानना है कि ChatGPT जैसे उत्पादों के लिए उपयोगकर्ताओं की भुगतान करने की इच्छा सीमित है, जबकि विज्ञापन जैसे नए राजस्व स्रोत अभी शुरुआती दौर में हैं। ऐसे में कंपनी के लिए लगातार पूंजी जुटाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
सेबेस्टियन मल्लबी का कहना है कि यह भविष्यवाणी AI तकनीक के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि महंगे होते AI रेस में OpenAI पिछड़ सकता है। उनका अनुमान है कि अगर OpenAI पर्याप्त पूंजी नहीं जुटा पाया, तो वह Microsoft या Amazon जैसी किसी नकदी-समृद्ध कंपनी में विलय कर सकता है और इतिहास में एक उदाहरण बनकर रह जाएगा।अन्य विशेषज्ञ भी 2026 को OpenAI के लिए ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ वर्ष बता रहे हैं। कुछ लोग इसकी आक्रामक विस्तार नीति की तुलना WeWork जैसी असफल स्टार्टअप कंपनी से कर रहे हैं। हालांकि, मल्लबी यह भी स्पष्ट करते हैं कि यदि OpenAI असफल होता है, तो इससे वैश्विक AI बूम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि यह उस कंपनी का पतन होगा, जिसे वे AI इंडस्ट्री का “सबसे ज़्यादा हाइप-ड्रिवन खिलाड़ी” बताते हैं। इसके बावजूद, OpenAI की तेज़ उभरान और संभावित गिरावट AI के निर्माण और फाइनेंसिंग के तरीके पर गहरी छाप छोड़ सकती है।
संदर्भ:
सेबेस्टियन मल्लबी, न्यूयॉर्क टाइम्स (13 जनवरी 2026)
विक्टर टैंगरमैन, फ्यूचरिज़्म (14 जनवरी 2026)

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